प्रिय मित्रों की अहम टिप्पणी , देखो क्या रंग लाएंगीII प्रिय मित्रों की अहम टिप्पणी , देखो क्या रंग लाएंगीII
हमें नहीं गिला उनके जाने का बस आज हो तो मौका मिला सोचने का पहले हम डूब जाते थे यादो में आज तो वो है ... हमें नहीं गिला उनके जाने का बस आज हो तो मौका मिला सोचने का पहले हम डूब जाते थे य...
यह कविता हमारे अनेकता को दर्शाती है। हम जाती-धर्म के बंधन में बंधकर एक दूसरे को भूल जाते हैं। क्या य... यह कविता हमारे अनेकता को दर्शाती है। हम जाती-धर्म के बंधन में बंधकर एक दूसरे को ...
देखो कितनी प्यारी है हमारी बिटिया देखो कितनी प्यारी है हमारी बिटिया
ये हरी भरी वसुंधरा हमारी निगहबान है, रंग भिन्न ,भाषा भिन्न और बोली भी भिन्न है। सबक ये हरी भरी वसुंधरा हमारी निगहबान है, रंग भिन्न ,भाषा भिन्न और बोली भी भिन्न ह...
टूटी फूटी कुटिया में रहकर मां-बाप का साथ निभाती हैं बेटियां, बेटों से सारी उम्मीदें ख टूटी फूटी कुटिया में रहकर मां-बाप का साथ निभाती हैं बेटियां, बेटों से सारी...